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hhu

Cinematic vlog-style footage of two people in vibrant Indian clothes saying achcha Tum subah subah kahan se a rahe the. He said Ham to ghumne gaye the. She said lekin subah to barish ho rahi thi. He said to kya Ham barish mein bhi jaate Hain.

CC aadi Leela adhyay 11

अध्याय 11 – भगवान नित्यानंद के विस्तार (विस्तृत कथा) यह अध्याय श्री चैतन्य-चरितामृत के अत्यंत महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है। इसमें श्री नित्यानंद प्रभु की दिव्य शाखाओं, उपशाखाओं और उनके असंख्य पार्षदों का वर्णन किया गया है। जिस प्रकार एक विशाल कल्पवृक्ष की अनगिनत शाखाएँ होती हैं और प्रत्येक शाखा फल-फूलों से लदी होती है, उसी प्रकार श्री नित्यानंद प्रभु की कृपा से असंख्य भक्त प्रकट हुए जिन्होंने संसार के कोने-कोने में श्री चैतन्य महाप्रभु के हरिनाम-संकीर्तन आंदोलन का विस्तार किया। अध्याय का आरंभ लेखक कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा श्री नित्यानंद प्रभु के सभी भक्तों को प्रणाम करने से होता है। वे कहते हैं कि ये सभी भक्त नित्यानंद प्रभु के चरणकमलों के मधुर रस का पान करने वाली मधुमक्खियों के समान हैं। वे स्वीकार करते हैं कि इन भक्तों की महिमा अनंत है, इसलिए वे केवल कुछ प्रमुख शाखाओं का ही वर्णन करेंगे। इसके बाद वे घोषणा करते हैं कि श्री नित्यानंद प्रभु स्वयं श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रेम-वृक्ष की सबसे विशाल शाखा हैं। महाप्रभु की इच्छा रूपी जल से सिंचित होकर यह शाखा असंख्य उपशाखाओं में वि...